असल न्यूज़: दिल्ली की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के फैसले के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नई अधिसूचना के तहत अब इन कॉलोनियों में 6 अप्रैल 2026 के बाद किसी भी नए निर्माण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यदि इसके बाद कहीं भी नया निर्माण होता है, तो वह नियमितीकरण प्रक्रिया में बाधा बनेगा।
‘जैसा है, जहां है’ आधार पर नियमितीकरण
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इन कॉलोनियों में मौजूदा निर्माण को “जैसा है, जहां है” के आधार पर ही नियमित किया जाएगा। यानी जो निर्माण 6 अप्रैल 2026 तक मौजूद है, उसी को मान्यता मिलेगी।
ड्रोन से होगी निगरानी
नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली नगर निगम ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। इन कॉलोनियों पर ड्रोन और जीपीएस सर्वे के जरिए नजर रखी जाएगी, ताकि कोई नया अवैध निर्माण न हो सके।
करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का ड्रोन सर्वे किया जाएगा, जिसमें से लगभग 20 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष सर्वे अगले 15 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य है।
नए निर्माण पर सख्त कार्रवाई
एमसीडी के अनुसार, 6 अप्रैल के बाद कोई भी निर्माण तभी संभव होगा जब वह बिल्डिंग बायलॉज के तहत अनुमति लेकर किया जाए। बिना अनुमति निर्माण पाए जाने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और संबंधित संपत्ति के नियमितीकरण में भी दिक्कतें आएंगी।
45 लाख लोगों को मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत कुल 1,731 में से 1,511 कॉलोनियों को शामिल किया गया है, जो विशेष क्षेत्रों (जैसे यमुना बाढ़ क्षेत्र और वन क्षेत्र) में नहीं आतीं। इससे दिल्ली के करीब 45 लाख लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
24 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू
इन कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए आवेदन प्रक्रिया 24 अप्रैल से ‘स्वागम पोर्टल’ पर शुरू होगी। इसके लिए लोगों को एमसीडी द्वारा सूचीबद्ध करीब 700 आर्किटेक्ट्स की मदद से प्लान जमा करना होगा।
पीएम-उदय योजना के तहत पहल
यह पूरा अभियान प्रधानमंत्री उदय योजना के तहत चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों को कानूनी मालिकाना हक, बैंक लोन और संपत्ति विकास की सुविधा देना है।

