नई दिल्ली। देशभर में एलपीजी उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और झटका लगा है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे उपभोक्ताओं के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
नई दरें लागू होने के बाद घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के बीच कीमतों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, कीमतों में बदलाव का प्रभाव विभिन्न श्रेणियों के सिलेंडरों और अलग-अलग शहरों में अलग हो सकता है।
तेल विपणन कंपनियां समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों, परिवहन लागत तथा अन्य आर्थिक कारकों के आधार पर एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं।
कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आम उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस के दाम बढ़ने से घरेलू बजट प्रभावित होगा। वहीं व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है, जिसके चलते समय-समय पर एलपीजी की कीमतों में संशोधन किया जाता है।
फिलहाल, नई कीमतें लागू हो चुकी हैं और उपभोक्ताओं को अब बढ़ी हुई दरों पर सिलेंडर खरीदना होगा।

