असल न्यूज़: दिल्ली में 17 मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद किए जाने से वकीलों और आम लोगों को हो रही परेशानियों का मामला गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। सुनवाई के दौरान वकीलों ने अदालत को बताया कि मेट्रो स्टेशन बंद होने की वजह से सुप्रीम कोर्ट सहित विभिन्न अदालतों तक पहुंचने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप करने से पीछे नहीं हटेगा। अदालत ने फिलहाल संबंधित पक्षों की दलीलें सुनीं और स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही।
वकीलों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से मेट्रो स्टेशन बंद होने का असर न्यायिक कार्यवाही पर भी पड़ रहा है। कई अधिवक्ताओं और वादकारियों को समय पर अदालत पहुंचने में कठिनाई हो रही है।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन हालात की समीक्षा कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया है कि यदि आम नागरिकों और न्यायिक व्यवस्था पर इसका गंभीर प्रभाव जारी रहता है, तो आवश्यक होने पर उचित निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

