अयोध्या। राम मंदिर से जुड़े दान और चढ़ावे के विवाद के बीच अब एक नया दावा सामने आया है। विभिन्न सूत्रों और चर्चाओं में यह आरोप लगाया जा रहा है कि मंदिर निर्माण और उससे जुड़े अभिलेखों में दर्ज सोने, चांदी और हीरों से जड़ी करीब 1250 राम शिलाएं भी कथित तौर पर गायब हैं। मामले को लेकर कई नाम चर्चा में हैं, हालांकि इन आरोपों की अभी तक किसी जांच एजेंसी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है। SIT अब दान, चढ़ावे और कथित रूप से गायब बताई जा रही राम शिलाओं से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी।
बताया जा रहा है कि कुछ लोगों और संगठनों ने आरोप लगाया है कि मंदिर में दान और चढ़ावे के प्रबंधन में अनियमितताएं लंबे समय से चल रही थीं। उनका कहना है कि हाल में दान राशि से जुड़े विवाद सामने आए हैं, लेकिन कथित गड़बड़ियों का सिलसिला कई वर्षों पुराना हो सकता है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
विवाद के बीच कुछ संगठनों ने मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि यदि जांच में प्रथम दृष्टया कोई अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, अब तक इस मामले में किसी आधिकारिक एफआईआर की पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियों और प्रशासन की ओर से भी विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी मानना उचित नहीं होगा। मामले की सच्चाई SIT की जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल अयोध्या से जुड़ा यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है और सभी की नजर जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

