असल न्यूज़: राजधानी दिल्ली में लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर बिना फायर एनओसी संचालित हो रहे होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू किया है। जांच के दौरान नरेला, जनकपुरी, राजौरी गार्डन और बुराड़ी समेत कई इलाकों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
नरेला स्थित ड्रीम रेजिडेंसी, होटल ब्लू स्टार और होटल निर्वाण समेत कई प्रतिष्ठानों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पाई गई। वहीं पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी और राजौरी गार्डन क्षेत्र में भी कई होटल और गोदाम प्रशासन की जांच के दायरे में आए हैं। होटल पैराडाइज इन और होटल नवादा रेजिडेंसी को नोटिस जारी किए गए हैं। जांच में फायर सेफ्टी व्यवस्था की कमी और स्वीकृत बिल्डिंग प्लान से जुड़े उल्लंघन सामने आए हैं।
844 स्थानों की जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही
राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 5 जून से 17 जून के बीच राजधानी में कुल 844 साइटों का निरीक्षण किया गया। जांच में कई ऐसे होटल और प्रतिष्ठान मिले जो बिना आवश्यक फायर एनओसी के संचालित हो रहे थे। लगातार सामने आ रही अग्निकांड की घटनाओं के बावजूद इन संस्थानों द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी किए जाने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
17 जून को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने कार्रवाई करते हुए 26 स्थानों पर छापेमारी की और 16 अवैध संपत्तियों को सील कर दिया।
अवैध निर्माणों पर भी जारी है कार्रवाई
दिल्ली नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार 17 जून तक राजधानी में 256 अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जा चुका है, जबकि 258 संपत्तियों को सील किया गया है। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों के खिलाफ 380 कारण बताओ नोटिस और 164 सीलिंग नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रशासन का कहना है, कि अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों से समझौता करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
नरेला से बुराड़ी तक मिलीं अनियमितताएं
जांच के दौरान बुराड़ी क्षेत्र के प्रधान एन्क्लेव और बाबा कॉलोनी में भी बिना स्वीकृत नक्शे और आवश्यक अनुमतियों के निर्माण किए जाने की जानकारी मिली। अधिकारियों ने इन मामलों की रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दी है।
चाणक्यपुरी और कनॉट प्लेस के होटल मानकों पर खरे उतरे
प्रशासन की जांच में चाणक्यपुरी और कनॉट प्लेस के कई होटल निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप पाए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने वालों को किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी।

