डा.श्यामा प्रसाद मुखर्जी का राष्ट्रहित में दिए गए बलिदान को याद रखने की जरूरत -राज्यसभा पूर्व सांसद प्रफुल गोराडिया।
नई दिल्ली। अखिल भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डा.श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 वीं जन्म जयंती धूमधाम से मनाई गई। राजधानी दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब स्थित डिप्टी स्पीकर हाॅल में पूर्व राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय संरक्षक श्री प्रफुल गोराडिया के सानिध्य में राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य डा.भारत भूषण पांडेय की अध्यक्षता में दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

जनसंघ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रमोद सोती ने बताया,कि डाक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की नींव रखने वाले डाक्टर साहब के स्मृति पखवाड़े में पूरे देश की राज्य इकाइयों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि पूर्व राज्यसभा सांसद श्री प्रफुल गोराडिया ने जनसंघ से जुड़ी यादो को डाक्टर साहब के संघर्षों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा,कि वे महानचिंतक, राष्ट्रभक्त और देश के लिए समर्पित योद्धा थे, जिन्होंने सुविधायुक्त जीवन होने के बावजूद देश की एकता और अखंडता,एक राष्ट्र एक प्रधान, जम्मू कश्मीर और बंगाल को बचाने के लिए अपने प्राणों का भी मोह नही किया, ऐसे महान राष्ट्रभक्त के जीवन से प्रेरणा लेकर हम राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करनी होगी।
समारोह में केन्द्रीय कार्यकारिणी एम.सुधाकर चौधरी, श्रीमती रजनी दुबे, राकेश कौल गुरखा,बी.के.रमन्ना रेड्डी, जगदीश शास्त्री, अनिल शिवचरण शर्मा, रामेश्वर सिंह पंकज,राज्य स्तर पर गुजरात से भरत भाई गोढानिया, तमिलनाडु से संगु कृष्णन, छत्तीसगढ़ से रवि श्रीवास रुगेश्वर खंडवाल, आंध्रप्रदेश से सी.एस.राव, उत्तर प्रदेश से कुलदीप पांडेय, हरियाणा से अश्वनी दत्ता, राजस्थान से मुकेश कुमार, तेलंगाना से लाला जी बलराम, पश्चिम बंगाल से हिरणम्य मेत्रीय आदि सहित भारी संख्या में भारतीय जनसंघ के कार्यकर्ताओं ने समारोह स्थल पर आकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

