असल न्यूज़। दिल्ली के ईस्ट जिले में साइबर पुलिस ने एयर इंडिया में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। PS Cyber East की टीम ने इस मामले में दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कथित तौर पर खुद को एयर इंडिया का HR प्रतिनिधि बताकर नौकरी के इच्छुक युवाओं को ठगी का शिकार बनाते थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी खास तौर पर ग्राउंड ड्यूटी की नौकरी दिलाने का झांसा देते थे और रजिस्ट्रेशन तथा अन्य रोजगार संबंधी शुल्क के नाम पर पीड़ितों से UPI के जरिए पैसे ट्रांसफर करवाते थे।
ईस्ट जिला उपायुक्त राजीव कुमार IPS जानकारी देते हुए बताया की 14 हजार की नौकरी के नाम पर 14,500 रुपये ठगे
मामले की शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के जरिए छत्तीसगढ़ निवासी एक व्यक्ति ने की थी। शिकायतकर्ता को एक शख्स ने एयर इंडिया के HR प्रतिनिधि के तौर पर फोन किया और नौकरी दिलाने के बदले 14,000 रुपये मांगे।
नौकरी की पेशकश को सही मानते हुए पीड़ित ने UPI के जरिए 14,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसे पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है।
जांच के दौरान ठगी की रकम जिस बैंक खाते में पहुंची थी, उसे ट्रेस किया गया। इसके बाद रकम को ईस्ट जिले के एक ATM से निकाले जाने की जानकारी सामने आई। मामले में FIR नंबर 69/2026, दिनांक 20 अगस्त 2026, संबंधित धाराओं में PS Cyber, East District में दर्ज की गई।
लक्ष्मी नगर से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर
जांच के दौरान बैंक खाते की जानकारी से पुलिस Md. Zaid, निवासी वजीराबाद तक पहुंची। पुलिस ने उसे लक्ष्मी नगर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में कथित तौर पर दो अन्य आरोपियों Sadaf और Tanisha की भूमिका सामने आई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लक्ष्मी नगर में एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। वहां से अलग-अलग मोबाइल नंबरों के जरिए नौकरी तलाश रहे लोगों से संपर्क किया जाता था। आरोपी खुद को एयर इंडिया का HR कर्मचारी बताकर ग्राउंड ड्यूटी की नौकरी का ऑफर देते थे और फिर अलग-अलग बैंक खातों में UPI के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करवाते थे।
पुलिस का आरोप है कि ठगी की रकम को बाद में नजदीकी ATM से निकाला जाता था और आरोपियों के बीच बांटा जाता था।
6 स्मार्टफोन और 3 कीपैड फोन बरामद
पुलिस टीम ने कॉल सेंटर से 6 स्मार्टफोन और 3 कीपैड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोन में कई SIM कार्ड मिले हैं। इसके अलावा आरोपी Sadaf के पास से 25,000 रुपये नकद भी बरामद किए गए।
जांच में दो अन्य NCRP शिकायतों का लिंक भी ऐसे मोबाइल नंबरों से मिला है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर आरोपी कर रहे थे।
तीनों आरोपियों की प्रोफाइल
Md. Zaid, निवासी वजीराबाद, उम्र 30 वर्ष है और वह स्कूल ड्रॉपआउट है। पुलिस के मुताबिक, वह फिलहाल बेरोजगार था।
Sadaf, निवासी वजीराबाद, उम्र 24 वर्ष है। वह BA सेकेंड ईयर की पढ़ाई छोड़ चुकी है और पुलिस के अनुसार पिछले करीब तीन महीने से कथित फर्जी कॉल सेंटर की गतिविधियों में शामिल थी।
Tanisha, निवासी मेन मार्केट, लक्ष्मी नगर, उम्र 21 वर्ष है और 12वीं पास है। पुलिस के मुताबिक, वह Sadaf के साथ काम करने लगी थी और बाद में कथित धोखाधड़ी में शामिल हो गई।
पुलिस की अपील
ईस्ट जिला पुलिस ने लोगों से अपील की है कि WhatsApp, SMS या अन्य माध्यमों से आने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी, कार्ड डिटेल या रिमोट एक्सेस साझा न करें।
किसी भी तरह की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत करें और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और उनके द्वारा की गई संभावित ठगी के मामलों की जांच कर रही है।

