प्रदीप सिंह उज्जैन। रोहिणी जिले की प्रशांत विहार थाना पुलिस ने खुद को CBI अधिकारी बताकर फर्जी रेड डालने वाले एक कथित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, CBI के नाम वाले कपड़े और फर्जी पहचान पत्रों से जुड़ा डिजिटल साक्ष्य बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर चुनिंदा लोगों की जानकारी जुटाकर उनके घर पहुंचते थे और खुद को CBI या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर रेड और तलाशी की धमकी देते थे। जांच में पुलिस को दिल्ली और मुंबई में ऐसी कथित गतिविधियों से जुड़े वीडियो भी मिले हैं।
CBI अधिकारी बनकर घर पहुंचा था 8 लोगों का समूह
मामला 11 अगस्त की रात करीब 10 बजे का है। प्रशांत विहार निवासी शिकायतकर्ता प्रथम अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मां के साथ घर पर मौजूद था। इसी दौरान करीब 8 लोग, जिनमें 6 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल थीं, उनके घर के बाहर पहुंचे।
आरोपियों ने खुद को CBI अधिकारी बताते हुए कथित तौर पर पहचान पत्र दिखाए और घर में रेड करने की बात कही। जब शिकायतकर्ता और उसकी मां ने उनसे सर्च वारंट या उचित अनुमति दिखाने को कहा, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया।
पुलिस के मुताबिक, समूह करीब डेढ़ घंटे तक घर के बाहर रहा। पड़ोसियों के हस्तक्षेप के बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता के पिता के नाम जारी एक कथित नोटिस का हवाला दिया और उसे गाड़ी से लेने की बात कहकर वहां से चले गए। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस की 112 हेल्पलाइन पर कॉल की।
मोबाइल पर भेजा गया था कथित फर्जी CBI नोटिस
शिकायतकर्ता के पिता के मोबाइल फोन पर भी कथित CBI नोटिस भेजा गया था। बाद में मूल मैसेज डिलीट कर दिया गया, लेकिन शिकायतकर्ता ने उसका स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखा। पुलिस ने शिकायत और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद FIR नंबर 238/2026, दिनांक 19 अगस्त को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में थाना प्रशांत विहार में मामला दर्ज किया।
CCTV और डिजिटल साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, कथित CBI नोटिस और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री का विश्लेषण किया। तकनीकी निगरानी और लगातार जांच के बाद पुलिस ने कथित तौर पर मामले में शामिल 7 लोगों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आसिफा जम्मू-कश्मीर और करीब आठवीं कक्षा तक पढ़ी है। पुलिस के अनुसार, उसने पहले राजेंद्र प्लेस में होटल चलाया था। जांच में आरोप है कि उसने पूजा के साथ मिलकर खुद को CBI से जुड़ा बताने का प्रयास किया और लक्ष्य व्यक्ति की जानकारी जुटाने में भूमिका निभाई।
पूजा अग्रवाल पुलिस के अनुसार, वह पहले बार और रेस्टोरेंट में गायिका के तौर पर काम कर चुकी है। जांच में आरोप है कि उसने आसिफा के साथ मिलकर कथित फर्जी रेड की योजना बनाई और अपने रिश्तेदार चंदर प्रकाश से अन्य लोगों को बुलाने के लिए संपर्क किया।
कुलदीप शर्मा दिलशाद गार्डन निवासी .कुलदीप शर्मा पहले SBI और ING Vysya Bank में काम कर चुका है। पुलिस के मुताबिक, बैंकिंग कार्य के दौरान उसकी शिकायतकर्ता से पहचान हुई थी। आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता के घर और वहां संभावित नकदी या कीमती सामान की जानकारी अन्य आरोपियों तक पहुंचाई।
चन्द्र प्रकाश शर्मा शाहदरा के अशोक नगर निवासी चन्द्र प्रकाश पहले इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयर का काम करता था। पुलिस के अनुसार, उसे पूजा ने कथित फर्जी CBI रेड के लिए लोगों की व्यवस्था करने के लिए संपर्क किया था। उसके पास से CBI मोनोग्राम वाले कपड़े बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।
शुभम नायक गोलू दुर्गापुर, दिल्ली निवासी शुभम बेरोजगार बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, उसे कथित रेड में शामिल होने के लिए चंद्र प्रकाश ने बुलाया था। उसका मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
राजवीर सिंह मानसरोवर पार्क, शाहदरा निवासी राजवीर सिंह भी बेरोजगार बताया गया है। पुलिस के अनुसार, वह कथित फर्जी रेड में शामिल हुआ था और उसका मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
नितिन शर्मा अशोक नगर, शाहदरा निवासी नितिन शर्मा भी बेरोजगार बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, उसे भी चंद्र प्रकाश के जरिए कथित रेड में शामिल किया गया था।
CBI अधिकारी बनकर फर्जी रेड डालने का आरोप
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर पहले किसी व्यक्ति की जानकारी और पता जुटाते थे। इसके बाद खुद को CBI या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर उसके घर या ठिकाने पर पहुंचते थे।
आरोप है कि वे फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेज दिखाकर लोगों को डराने और दबाव बनाने की कोशिश करते थे। पुलिस को संदेह है कि यह गतिविधियां पिछले 3 से 4 महीनों से चल रही थीं।
पुलिस को बरामद मोबाइल फोन से ऐसे वीडियो भी मिले हैं, जिनमें समूह के कुछ सदस्य कथित तौर पर दिल्ली और मुंबई में CBI, ED और अन्य सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बनकर फर्जी रेड करते दिखाई दे रहे हैं। इन वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है।
8 मोबाइल फोन बरामद किए गए।
मोबाइल फोन में कथित फर्जी पहचान पत्रों की तस्वीरें और आरोपियों के सरकारी अधिकारियों जैसे कपड़ों में फोटो/वीडियो मिले। CBI मोनोग्राम वाले कपड़े बरामद किए गए। कथित फर्जी पहचान पत्रों के डिजिटल स्क्रीनशॉट मिले। घटना से संबंधित CCTV फुटेज भी जांच में शामिल किया गया।
पुलिस अब आरोपियों के अन्य मामलों में शामिल होने और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए CCTV, तकनीकी निगरानी, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

