हत्या और साक्ष्य छिपाने का दोष सिद्ध, सजा पर सुनवाई के लिए करीब 15 दिन बाद की तारीख
जोजो: मेरठ। चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को हत्या तथा साक्ष्य छिपाने के मामले में दोषी करार दिया है। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों के खिलाफ अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों को पर्याप्त माना गया। हालांकि, दोनों को क्या सजा दी जाएगी, इस पर फैसला अभी नहीं हुआ है। अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए करीब 15 दिन बाद की तारीख तय करने की बात कही है।
नीले ड्रम में मिला था सौरभ का शव
सौरभ राजपूत हत्याकांड मार्च 2025 में उस समय देशभर में चर्चा में आया था, जब सौरभ का शव उसके ही घर में एक नीले ड्रम के अंदर मिला था। पुलिस ने मामले की जांच के बाद 19 मार्च 2025 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया शुरू हुई और जून 2025 में दोनों आरोपियों पर हत्या तथा साक्ष्य मिटाने के आरोप तय किए गए।
करीब 13 महीने चली कोर्ट में बहस
मामले में 126 तारीखों के दौरान 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। परिवार के सदस्यों के साथ पुलिसकर्मियों, चिकित्सकों तथा चाकू और ड्रम से जुड़े लोगों समेत कई गवाहों के बयान अदालत में दर्ज हुए। अभियोजन पक्ष की ओर से करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसमें 34 गवाहों का उल्लेख किया गया था। ट्रायल के दौरान लगातार सुनवाई के बाद अंतिम बहस की प्रक्रिया भी करीब 13 महीने तक चली।
कोर्ट में पेश किए गए नीला ड्रम और ट्रॉली बैग
मामले की सुनवाई के दौरान 19 दिसंबर 2025 को नीला ड्रम और ट्रॉली बैग अदालत में बतौर साक्ष्य पेश किए गए। 23 जनवरी 2026 को जियो के नोडल अधिकारी ने कॉल डिटेल, चैट और मोबाइल लोकेशन से संबंधित रिकॉर्ड को लेकर गवाही दी। 21 अप्रैल 2026 को अदालत ने दोनों आरोपियों से आरोपों के संबंध में 32-32 सवाल किए थे। दोनों ने आरोपों से इनकार किया था।
22 मई से शुरू हुई अंतिम बहस
मामले में 22 मई 2026 को अंतिम बहस शुरू हुई। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष 22 गवाहों के बयानों और अन्य साक्ष्यों का हवाला दिया। इसके बाद 21 अगस्त को मुस्कान और साहिल के अधिवक्ताओं ने बचाव पक्ष की ओर से अंतिम बहस शुरू की। 17 सितंबर 2026 को अभियोजन और बचाव पक्ष की अंतिम बहस पूरी हो गई। 30 सितंबर को अदालत ने फैसला सुनाने की तारीख तय की थी।
दोषी करार दिए जाने के बाद सजा पर होगी सुनवाई
अदालत के फैसले के बाद अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि न्यायालय ने दोनों आरोपियों को सौरभ राजपूत की हत्या तथा हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने का दोषी माना है। वकील के मुताबिक, अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे अपराधों में पर्याप्त सजा जरूरी है, ताकि समाज में कानून के प्रति संदेश जाए।
सजा के बिंदु पर अदालत ने दोनों आरोपियों को अपनी बात रखने का अवसर दिया। अधिवक्ता के अनुसार, दोनों ने इस संबंध में कुछ भी कहने से इनकार किया। अब अदालत सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुनाएगी।
अभियोजन पक्ष ने मांगी फांसी की सजा
अभियोजन पक्ष की ओर से दोनों दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की गई है। अधिवक्ता ने बताया कि उनकी ओर से अदालत से दोनों को फांसी की सजा देने की मांग की गई है। हालांकि, अंतिम सजा क्या होगी, यह अदालत द्वारा सजा के बिंदु पर होने वाली अगली सुनवाई के बाद तय किया जाएगा।
अब मामले में अगली सुनवाई सजा के बिंदु पर होगी। अदालत द्वारा करीब 15 दिन बाद की तारीख बताए जाने की बात कही गई है

