असल न्यूज़: राजधानी में केवल दो दिन तक ‘खराब’ श्रेणी में हवा बरकरार रहने के बाद, हवा की गति कम होने के चलते प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में गुरुवार सुबह की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे से हुई। वहीं, आसमान में स्मॉग की हल्की चादर भी दिखाई दी। इसके चलते दृश्यता भी कम रही। इस दौरान लोग मास्क पहने नजर आए। साथ ही, सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 307 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें बुधवार की तुलना में 48 सूचकांक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
एनसीआर में गाजियाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 343 दर्ज किया गया, यह बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, नोएडा में 322, ग्रेटर नोएडा में 301 और गुरुग्राम में 268 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 253 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है।
निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण की हिस्सेदारी 16.66 फीसदी रही। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 8.38, आवासीय इलाकों से 4.06 और निर्माण गतिविधियों से 2.26 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, बृहस्पतिवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 05 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 800 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 6500 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर एक बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 275.6 और पीएम2.5 की मात्रा 150 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई।

