असल न्यूज़: उत्तराखंड के Haridwar स्थित Kankhal क्षेत्र में नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने आरोपी सौतेले पिता को 20 वर्ष की कठोर कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रमणि राय की अदालत ने सुनाया।
27 फरवरी 2023 को दर्ज हुआ था मुकदमा
शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र चौहान के अनुसार, 27 फरवरी 2023 को कनखल थाने में आरोपी पिता के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। आरोप था कि वह 11 वर्ष की आयु से अपनी पुत्री के साथ दुष्कर्म करता आ रहा था। साथ ही घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी भी देता था।
पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि करीब आठ-नौ वर्षों से उसके साथ यह अत्याचार हो रहा था। परिवार के अन्य सदस्यों ने उसकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके बाद उसने साहस जुटाकर पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस कार्रवाई और कोर्ट में सुनवाई
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सुनवाई के दौरान वादी पक्ष की ओर से छह गवाह और बचाव पक्ष की ओर से दो गवाह पेश किए गए।
मोबाइल रिकॉर्डिंग बनी अहम सबूत
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों की जांच के बाद न्यायालय ने आरोपी और पीड़िता के बीच हुई वार्ता की मोबाइल रिकॉर्डिंग को ठोस सबूत माना। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष की कठोर कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर सख्त रुख का संदेश देता है।

