अजय शर्मा: जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के पास अवैध रूप से चलने वाली ‘इको’ गाड़ियों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है। ये वाहन यहां से सिंघु बॉर्डर, सोनीपत, बालगढ़ सहित अन्य इलाकों तक सवारियां ढोते हैं।
बता दें यह मॉडल टाउन ट्रैफिक सर्किल के अंतर्गत आता है, जहां रोजाना दर्जनों की संख्या में ये वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है।
तस्वीरों में दिखी अव्यवस्था
मौके से सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि एक ओर जहां अवैध रूप से खड़ी ‘इको’ गाड़ियों की लंबी लाइन लगी हुई है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एक महिला कर्मी द्वारा ऑटो चालक का चालान किया जा रहा है। जिससे साफ जाहिर होता है कि इको चालकों और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के बीच कोई साठ-गाठ है, वरना सबसे पहले यहां सड़क जमकर करे खड़ी इको गाड़ियों के चालान कटे जाने चाहिए थे
अवैध वसूली के आरोप
यह भी बता दें कि इन गाड़ियों के यहां से संचालन के बदले कथित रूप से हर महीने 5 से 6 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है।
पहले भी उठ चुका है मामला
बताया जा रहा है कि इससे पहले मुकरबा चौक बाईपास पर भी इसी तरह अवैध रूप से चलने वाले वाहनों का मुद्दा सामने आ चुका है।
जिसे दिल्ली के राजयपाल, मुक्यमंत्री, दिल्ली पुलिस, दिल्ही ट्रैफिक पुलिस को X के माद्यम से जानकारी दी गई थी लेकिन आज भी मुकरबा बाईपास पर अवैध टॅक्सी “इको गाड़िया” अवैध रूप से धड़ल्ले से चल रही हैं
मुकरबा चौक से चल रहीं अवैध टैक्सियां? दिल्ली ट्रैफिक पुलिस बनी मूक दर्शक
सूत्रों की माने तो इन अवैध टैक्सी ‘इको’ के यहां से संचालन करने के एवज में मोटा हिंसा रिश्वत के रूप में आला अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है, वरना दिल्ली के राजयपाल, मुक्यमंत्री, दिल्ली पुलिस, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस तक जानकारी होने के बाद भी आज तक यहां धड़ल्ले से अवैध टैक्सी का धंधा चल रहा हैं

