फिल्म डिटेल्स:
- फिल्म: भूत बंगला
- डायरेक्टर: प्रियदर्शन
- स्टार कास्ट: अक्षय कुमार, परेश रावल, राजपाल यादव, तब्बू, वामिका गब्बी, मिथिला पालकर, मनोज जोशी, असरानी
- श्रेणी: हॉरर, कॉमेडी
- अवधि: 2 घंटे 54 मिनट
रिव्यू:
अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी ने कभी ‘भूल भुलैया’ जैसी सुपरहिट फिल्म देकर हॉरर-कॉमेडी जॉनर को नई पहचान दी थी। करीब 16 साल बाद दोनों फिर से ‘भूत बंगला’ के साथ लौटे हैं, लेकिन इस बार दर्शकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरे नहीं उतर पाते।
फिल्म की शुरुआत हल्की-फुल्की कॉमेडी के साथ होती है, जहां फर्स्ट हाफ में कुछ हद तक मनोरंजन मिलता है। हालांकि जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, फिल्म अपनी पकड़ खोने लगती है और सेकंड हाफ में बिखराव साफ नजर आता है।
कहानी:
कहानी मंगलपुर नाम के एक रहस्यमयी गांव के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां ‘वधूसुर’ नाम का राक्षस हर बारात को तबाह कर दुल्हन को गायब कर देता है।
लंदन में रहने वाला अर्जुन आचार्य (अक्षय कुमार) अपनी बहन की शादी के लिए इसी गांव की हवेली को चुनता है। शुरुआत में वह इन सब बातों को अंधविश्वास मानता है, लेकिन धीरे-धीरे हवेली में होने वाली डरावनी घटनाएं उसे सच का सामना करने पर मजबूर कर देती हैं।
कहानी में फ्लैशबैक, रहस्य और कॉमेडी का मिश्रण है, लेकिन कमजोर लेखन के कारण यह प्रभावी नहीं बन पाती।
अभिनय:
अक्षय कुमार अपनी कॉमिक टाइमिंग से फिल्म को संभालने की कोशिश करते हैं और उनका डबल रोल दिलचस्प है।
परेश रावल, राजपाल यादव और असरानी की तिकड़ी कई जगह हंसी जरूर दिलाती है और नॉस्टैल्जिया भी पैदा करती है।
हालांकि तब्बू और वामिका गब्बी जैसे कलाकारों को पर्याप्त स्क्रीन टाइम नहीं मिला, जिससे उनका टैलेंट पूरी तरह सामने नहीं आ पाता।
संगीत और डायरेक्शन:
फिल्म का संगीत औसत है और कोई भी गाना लंबे समय तक याद नहीं रहता।
डायरेक्टर प्रियदर्शन अपने पुराने फॉर्मूले पर चलते नजर आते हैं, लेकिन इस बार वह ताजगी और नया पन लाने में सफल नहीं हो पाए।
कमजोरियां:
- कमजोर और बिखरी हुई कहानी
- जरूरत से ज्यादा लंबा रनटाइम
- कॉमेडी कई जगह ओवर और लाउड
- सेकंड हाफ में पकड़ कमजोर
क्यों देखें?
अगर आप हॉरर-कॉमेडी के फैन हैं और अक्षय कुमार–प्रियदर्शन की जोड़ी को पसंद करते हैं, तो एक बार यह फिल्म देख सकते हैं।

