जनकपुरी स्थित स्कूल को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस, सुरक्षा इंतजामों में मिली कई बड़ी लापरवाहियां
असल न्यूज़: राजधानी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में स्थित एसएस मोटा सिंह सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल में नर्सरी की एक छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ के मामले ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले के सामने आने के बाद दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन, से पूरे मामले में विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो स्कूल की मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
जानकारी के अनुसार घटना स्कूल समय के दौरान हुई। घटना के बाद अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। शिक्षा निदेशालय ने 8 मई को स्कूल प्रशासन को नोटिस भेजते हुए 11 मई 2026 तक पूरी रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए थे।
प्रारंभिक जांच में स्कूल प्रशासन की कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं,। विभाग के मुताबिक स्कूल के कई संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। इसके अलावा बच्चों की सुरक्षा और निगरानी के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं पाए गए। जांच टीम का मानना है कि स्कूल प्रशासन सुरक्षा मानकों को लागू करने में पूरी तरह विफल रहा।
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ, कि स्कूल की नर्सरी और प्री-प्राइमरी कक्षाएं मुख्य परिसर से करीब एक किलोमीटर दूर एक निजी भवन में संचालित की जा रही थीं। शिक्षा विभाग का दावा है कि इसके लिए संबंधित विभागों से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। इसे नियमों का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है।
शिक्षा विभाग ने कहा, कि बिना अनुमति निजी भवन में छोटे बच्चों को पढ़ाना उनकी सुरक्षा के साथ बड़ा जोखिम है। वहां फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी मानकों का भी उचित पालन नहीं किया गया था।
नोटिस में स्कूल प्रशासन से घटना की पूरी रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी पर तैनात स्टाफ की जानकारी, एफआईआर की कॉपी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बनाई गई सुरक्षा नीति का विवरण मांगा गया है। साथ ही निजी भवन से जुड़े स्वामित्व और सुरक्षा दस्तावेज भी जमा करने को कहा गया है।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है, कि यदि स्कूल प्रशासन संतोषजनक जवाब देने में विफल रहता है तो स्कूल की मान्यता रद्द करने, प्रबंधन को अपने नियंत्रण में लेने और स्कूल की जमीन की लीज समाप्त करने जैसी बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

