असल न्यूज़: राजधानी दिल्ली में ई-रिक्शा और ई-कार्ट चालकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करना अब पहले जितना आसान नहीं रहेगा। दिल्ली परिवहन विभाग ने नया आदेश जारी करते हुए ई-रिक्शा और ई-कार्ट चालकों के लिए 10 दिन की अनिवार्य ट्रेनिंग को लागू कर दिया है। अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों को अधिकृत संस्थान से प्राप्त प्रशिक्षण प्रमाणपत्र (Training Certificate) जमा करना होगा, तभी उनका लाइसेंस जारी किया जाएगा।
परिवहन विभाग ने जारी किए निर्देश
दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सभी डिस्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट ऑफिसर्स (DTOs) को नए नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने ट्रेनिंग प्रोग्राम का विस्तृत पाठ्यक्रम (Curriculum) भी जारी किया है, जिसके तहत ई-रिक्शा चालकों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी।
केवल अधिकृत संस्थानों का सर्टिफिकेट होगा मान्य
विभाग ने स्पष्ट किया है कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए केवल उन्हीं प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों को मान्यता दी जाएगी जो सरकार द्वारा अधिकृत संस्थानों से जारी किए गए हों। यह प्रशिक्षण केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 (Central Motor Vehicle Rules, 1989) के नियम 8A के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कराया जाएगा।
सड़क सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस
ट्रेनिंग के दौरान चालकों को सड़क पर सुरक्षित तरीके से ई-रिक्शा और ई-कार्ट चलाने की जानकारी दी जाएगी। इसमें पार्किंग, ट्रैफिक इंटरसेक्शन, रात्रि में वाहन संचालन, सड़क संकेतों की समझ और यातायात नियमों के पालन जैसे विषय शामिल होंगे।
इसके अलावा ब्रेक फेल होने, टायर फटने, बैटरी या पहिए में आग लगने जैसी आपात स्थितियों से निपटने के तरीके भी सिखाए जाएंगे।
बढ़ते सड़क हादसों के बीच लिया गया फैसला
दिल्ली सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब राजधानी में ई-रिक्शा से जुड़े सड़क हादसों की संख्या लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। कई क्षेत्रों में अनियंत्रित संचालन और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के कारण दुर्घटनाओं और जाम की समस्याएं सामने आती रही हैं।
विभाग को उम्मीद, हादसे और जाम होंगे कम
परिवहन विभाग का मानना है, कि अनिवार्य प्रशिक्षण से ई-रिक्शा चालकों की सड़क सुरक्षा संबंधी समझ बेहतर होगी। इससे न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था भी अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनेगी। विभाग को उम्मीद है कि इस कदम से सड़कों पर लगने वाले जाम और अव्यवस्था को भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।

