असल न्यूज़: भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस परियोजना से जुड़े एक कथित फर्जीवाड़े के मामले में सरकारी रक्षा कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने हैदराबाद स्थित TEC Aero Devices के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। कंपनी पर स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति के दौरान कथित तौर पर 199 फर्जी टेस्ट रिपोर्ट जमा करने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, मामला तेजस लड़ाकू विमान परियोजना में इस्तेमाल होने वाले कुछ उपकरणों और स्पेयर पार्ट्स की गुणवत्ता जांच से जुड़ा हुआ है। HAL का आरोप है कि संबंधित कंपनी ने उत्पादों की गुणवत्ता और परीक्षण से जुड़े दस्तावेजों में कथित अनियमितताएं कीं और बड़ी संख्या में फर्जी टेस्ट रिपोर्ट प्रस्तुत कीं।
सूत्रों के मुताबिक, HAL की आंतरिक जांच के दौरान दस्तावेजों में कई विसंगतियां सामने आईं। जांच में कथित तौर पर पाया गया कि कुछ परीक्षण रिपोर्ट वास्तविक मानकों और प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं थीं। इसके बाद HAL ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का फैसला किया।
रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है, कि लड़ाकू विमान और सैन्य उपकरणों के निर्माण में गुणवत्ता मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है। ऐसे मामलों में प्रत्येक पुर्जे और उपकरण की गुणवत्ता का उच्चतम स्तर पर परीक्षण आवश्यक होता है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं, कि कथित फर्जी रिपोर्टों का उपयोग किस स्तर तक किया गया और इसका तेजस परियोजना पर कोई प्रभाव पड़ा या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की भूमिका रही है या नहीं।
हालांकि फिलहाल जांच प्रारंभिक चरण में है, और आरोपों की अंतिम पुष्टि होना बाकी है। TEC Aero Devices की ओर से भी इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गौरतलब है, कि तेजस परियोजना भारत के रक्षा क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण स्वदेशी परियोजनाओं में से एक मानी जाती है। ऐसे में इस मामले ने रक्षा उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण और आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है, और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।

