Tuesday, June 30, 2026
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निहाल विहार थाने की टीम ने दो शातिर ‘गद्दीबाज’ और एक साजिशकर्ता को दबोचा

नीति सैन। आउटर जिला की निहाल विहार थाना पुलिस ने स्नैचिंग के एक मामले का सफल खुलासा करते हुए दो शातिर गद्दीबाज (चीटर) और उनके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो चोरी की मोटरसाइकिलें और लूटी गई पांच हजार की नकदी बरामद की है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पहचान छिपाने के लिए चोरी की बाइकों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वारदातों को अंजाम देते थे।

ATM से पैसे निकालने के बाद हुई थी स्नैचिंग..
पुलिस के अनुसार, 23 जून 2026 को विजय चौधरी ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्होंने राणहोला बस स्टैंड के पास स्थित HDFC बैंक के ATM से ₹20,000 निकाले थे। जैसे ही वह ATM से बाहर निकले, दो अज्ञात बदमाशों ने उनके हाथ से नकदी छीन ली और फरार हो गए।

इस मामले में थाना निहाल विहार में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

CCTV और मुखबिर की सूचना से आरोपी गिरफ्तार..
एसएचओ इंस्पेक्टर शिशपाल के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय स्तर पर सूचना जुटाई।

जांच के दौरान पता चला कि स्नैचिंग करने वाले दो आरोपी पैदल भागकर नजफगढ़-नांगलोई रोड पहुंचे, जहां उनके दो साथी अलग-अलग मोटरसाइकिलों पर इंतजार कर रहे थे। इसके बाद चारों आरोपी मौके से फरार हो गए।

28 जून को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर कुलदीप सिंह और शंभू प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

फर्जी नंबर प्लेट लगाकर करते थे वारदात..
पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। जांच में दोनों बाइक चोरी की निकलीं। एक बाइक वर्ष 2022 में थाना विजय विहार क्षेत्र से चोरी हुई थी। दूसरी बाइक वर्ष 2025 में थाना पंजाबी बाग क्षेत्र से चोरी हुई थी।

पुलिस ने पाया कि दोनों बाइकों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके।

साजिशकर्ता भी गिरफ्तार..
आगे की जांच में पुलिस ने संजय गुप्ता को भी गिरफ्तार किया। जांच में खुलासा हुआ कि चोरी बताई गई एक बाइक वास्तव में उसी के कब्जे में थी। उसने झूठी e-FIR दर्ज कराकर बाइक अपने साथियों को वारदात के लिए उपलब्ध कराई थी।

आरोपी संजय गुप्ता के पास से भी एक हजार आठ सौ रूपये की नकद बरामद किए गए। दूसरे आरोपी की पहचान कुलदीप सिंह के रूप में हुई हैं। जिस पहले से 10 धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। तीसरे आरोपी की पहचान शंभू प्रताप सिंह पर भी 10 धोखाधड़ी के मामलों में शामिल रह चुका है। फिलहाल पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की आगे की जांच जारी है।

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