असल न्यूज़: उत्तर प्रदेश के नोएडा में अप्रैल 2026 के दौरान श्रमिकों और कर्मचारियों का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। यह विवाद मुख्य रूप से फेज-2 और सेक्टर 60 के औद्योगिक क्षेत्रों में सामने आया, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सैलरी बढ़ाने और काम के घंटे घटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
क्या है पूरा मामला?
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की मांग है कि उनकी मासिक सैलरी ₹11,000–₹13,000 से बढ़ाकर ₹20,000 की जाए और काम के घंटों को 10-12 से घटाकर 8 घंटे किया जाए। इसी को लेकर गुस्साए श्रमिक सड़कों पर उतर आए।
हिंसक हुआ प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान हालात बेकाबू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने कई निजी कंपनियों और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। कई फैक्ट्रियों के शीशे तोड़े गए और जमकर पत्थरबाजी की गई।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और PAC तैनात की गई है। पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
फायरिंग और घायल
झड़प के दौरान फायरिंग की भी खबर सामने आई है। बिहार की एक महिला कर्मचारी को गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है।
हरियाणा से तुलना बनी वजह
कर्मचारियों का कहना है कि पड़ोसी राज्य हरियाणा के गुरुग्राम और मानेसर में वेतन में करीब 35% तक बढ़ोतरी की गई है, जबकि नोएडा में अभी भी वेतन कम है। इसी असमानता को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी है।
फिलहाल स्थिति
पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही हालात सामान्य किए जाएंगे।

