अजय शर्मा: दिल्ली पुलिस की आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट साइबर क्राइम टीम ने झारखंड के जंगली और पहाड़ी इलाकों में एक रोमांचक पीछा अभियान चलाकर साइबर धोखाधड़ी के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर WhatsApp APK लिंक के जरिए लोगों के बैंक खातों से ठगी करने का आरोप है।
पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसमें फर्जी बैंक खाते और WhatsApp अकाउंट से जुड़े अहम डिजिटल सबूत मिले हैं।
WhatsApp APK लिंक से की गई ठगी
पुलिस के मुताबिक, साइबर थाना आउटर नॉर्थ में FIR नंबर 78/2025 धारा 318(4) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे WhatsApp पर एक APK लिंक भेजा गया था। लिंक डाउनलोड करते ही उसके बैंकिंग क्रेडेंशियल्स हैक हो गए और खाते से ₹80,825 की रकम निकाल ली गई।
जांच में पता चला कि ठगी की रकम Canara Bank के एक खाते में ट्रांसफर की गई थी और बाद में ATM के जरिए निकाल ली गई।
तकनीकी जांच के बाद झारखंड पहुंची टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए Jt. CP विजय सिंह, DCP हरेश्वर स्वामी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में एक विशेष टीम बनाई गई।
टीम में SI अमित, HC रमन, HC मनदीप और HC पवन शामिल थे। पुलिस ने तकनीकी निगरानी, बैंक ट्रांजैक्शन, CDR/SDR विश्लेषण और मनी ट्रेल के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रैक की।
जांच के दौरान आरोपी को कई नोटिस भेजे गए, लेकिन वह लगातार पुलिस कार्रवाई से बचता रहा।
जंगलों में भागा आरोपी, पुलिस ने पैदल पीछा कर दबोचा
7 मई 2026 को पुलिस को आरोपी प्रवीण राणा के ठिकाने की सटीक जानकारी मिली। टीम ने झारखंड के गिरिडीह इलाके में छापा मारा।
पुलिस को देखते ही आरोपी जंगल और पहाड़ी रास्तों से भागने लगा। इसके बाद SI अमित और HC मनदीप ने कई किलोमीटर तक पैदल पीछा किया और आखिरकार आरोपी को पकड़ लिया।
मोबाइल फोन से मिले अहम सबूत
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की गई। फोन में दो WhatsApp एप्लिकेशन मिले और एक नंबर फर्जी Canara Bank खाते से लिंक पाया गया, जिसका इस्तेमाल ठगी में किया गया था।
आरोपी की पहचान
गिरफ्तार आरोपी की पहचान:
प्रवीण राणा (25 वर्ष)
निवासी – ग्राम कोल्डीह, पोस्ट फूलझरिया, थाना अहिल्यापुर, जिला गिरिडीह, झारखंड
के रूप में हुई है।
बड़े साइबर नेटवर्क की जांच जारी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि आरोपी संगठित साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

