असल न्यूज़: चंडीगढ़ के चर्चित प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत उर्फ चिन्नी हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में गिरफ्तार शूटर ने पूछताछ में हत्या की साजिश रचने वाली कथित मास्टरमाइंड का नाम उजागर कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-35 निवासी अमरीन कौर राय ने प्रॉपर्टी विवाद के चलते गैंगस्टर के जरिए चिन्नी की हत्या की साजिश रची थी।
शूटर ने पुलिस को बताई पूरी साजिश
फिरोजपुर निवासी आरोपी शूटर राजन उर्फ पीयूष ने पुलिस पूछताछ में बताया कि सितंबर 2025 में उसकी बातचीत जांगी मोबाइल ऐप के जरिए हर्षप्रीत सिंह बैंस से हुई थी। हर्षप्रीत ने ही उसकी बात अमरीन कौर राय से करवाई थी।
राजन के अनुसार, अमरीन गैंगस्टर लक्की पटियाल से संपर्क करना चाहती थी। इसके बाद राजन अपने मोबाइल फोन से कॉन्फ्रेंस कॉल या दूसरे फोन के जरिए स्पीकर ऑन कर दोनों की बातचीत करवाता था। बातचीत के दौरान वह खुद भी सब कुछ सुनता रहता था।
इसी दौरान उसे पता चला कि अमरीन ने प्रॉपर्टी विवाद के चलते चमनप्रीत उर्फ चिन्नी की हत्या के लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपये की सुपारी दी थी।
अमरीन कौर गिरफ्तार, डिजिटल सबूत जुटा रही पुलिस
पुलिस ने 46 वर्षीय अमरीन कौर राय को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि वारदात के करीब दो महीने तक पुलिस को अमरीन की भूमिका के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी थी।
अब पुलिस अमरीन के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है ताकि मामले में और अहम जानकारी सामने आ सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शूटर राजन ने अपने बयान में कहा कि उसने कभी अमरीन को देखा नहीं था, बल्कि केवल उसकी आवाज सुनी थी। हालांकि आरोपी हर्षप्रीत सिंह बैंस ने अमरीन के खिलाफ बयान दिया है। पुलिस ने हर्षप्रीत को जिला अदालत में पेश कर उसका एक दिन का रिमांड भी हासिल किया है।
8 बार नाकाम हुए शूटर, 9वीं बार में हुई हत्या
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि शूटरों ने चमनप्रीत की हत्या से पहले आठ बार कोशिश की थी, लेकिन हर बार वे असफल रहे।
जांच के मुताबिक, आरोपियों ने 23, 24, 25 और 26 जनवरी को सेक्टर-9 स्थित जिम के बाहर कई बार रेकी की थी। इसके बाद मार्च महीने में भी 3 से 4 बार हत्या की कोशिश की गई।
इतना ही नहीं, शूटरों ने न्यू चंडीगढ़ स्थित नागरा एस्टेट में चिन्नी के ऑफिस की भी रेकी की थी, लेकिन वहां भी उन्हें मौका नहीं मिल पाया।
भाजपा से जुड़ी रही अमरीन
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अमरीन कौर दो साल पहले पंजाब भाजपा में शामिल हुई थी। सोशल मीडिया पर उसकी भाजपा नेताओं के साथ कई तस्वीरें भी सामने आई हैं।
बताया जा रहा है कि अमरीन समाज सेवा के कार्यों में भी सक्रिय थी और उसकी एक एनजीओ भी चलती थी।
8 एकड़ जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद
जांच में सामने आया है कि चमनप्रीत उर्फ चिन्नी ने अमरीन को न्यू चंडीगढ़ में करीब 8 एकड़ जमीन 1.75 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से दिलवाई थी। इसके बदले अमरीन ने करीब 4 करोड़ रुपये बयाने के तौर पर दिए थे।
बाद में अमरीन को शक हुआ कि उसे महंगी जमीन बेची गई है, और उसे जमीन का कब्जा भी नहीं मिला। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया।
पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के चलते अमरीन ने कथित तौर पर चिन्नी को रास्ते से हटाने की साजिश रची और गैंगस्टर के जरिए हत्या की योजना बनाई।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

