कानपुर: शहर के एक निजी स्कूल में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि नर्सरी में पढ़ने वाली एक मासूम बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर स्कूल प्रशासन ने उसकी मदद करने के बजाय उसे घंटों खड़ा रखा और उसकी मां को बुलाकर क्लासरूम की सफाई करवाई। घटना के बाद परिजनों और संगठनों के विरोध पर स्कूल प्रशासन ने लिखित में माफी मांगी है।
मामला गोविंद नगर क्षेत्र स्थित बाला जी मेमोरियल पब्लिक स्कूल का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, 8 मई को नर्सरी की छात्रा की अचानक तबीयत खराब हो गई और उसने क्लासरूम में उल्टी कर दी। आरोप है कि स्कूल स्टाफ ने बच्ची को प्राथमिक उपचार देने के बजाय उसे करीब दो घंटे तक धूप में खड़ा रखा।
पीड़ित बच्ची की मां का कहना है, कि सुबह करीब 9 बजे स्कूल से फोन आया कि बेटी की तबीयत खराब है और तुरंत स्कूल पहुंचें। जब वह स्कूल पहुंचीं तो उनकी बेटी रोते हुए क्लासरूम में खड़ी थी और पास में उल्टी पड़ी हुई थी। आरोप है कि स्कूल स्टाफ ने मां से कहा कि पहले उल्टी साफ करें। मजबूरी में मां ने क्लासरूम की सफाई की और पोछा भी लगाया, जिसके बाद वह बेटी को घर लेकर चली गईं।
महिला ने छह दिन बाद पूरी घटना अपने पति को बताई, इसके बाद गुरुवार को बच्ची के पिता बजरंग दल और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ स्कूल पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान स्कूल प्रशासन और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई।
सूचना मिलने पर गोविंद नगर थाना प्रभारी रवि त्यागी, पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराया। बच्ची के पिता ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन ने उनकी पत्नी का अपमान किया और बीमार बच्ची की देखभाल करने के बजाय अमानवीय व्यवहार किया।
वहीं, स्कूल प्रबंधक दिलीप सैनी ने आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि स्कूल में करीब 400 बच्चे पढ़ते हैं और सभी का पूरा ध्यान रखा जाता है। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद स्कूल प्रशासन ने लिखित में माफी मांग ली, जिसके बाद मामला शांत हुआ।

