असल न्यूज़: अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह के मामले में बेगमपुर स्थित हीरा मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल की संचालिका का नाम सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। अस्पताल की संचालिका डॉ. विवेकी सिंह कपूर की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों ने कई चौंकाने वाले दावे किए हैं, जिनमें चार माह पहले नवजात बच्चे को लेकर हुए विवाद का भी जिक्र शामिल है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम पुलिस की टीम बेगमपुर के बरवाला रोड स्थित हीरा मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंची थी। इसके बाद अस्पताल से जुड़े कथित बाल तस्करी नेटवर्क की जानकारी लोगों तक पहुंची। पुलिस कार्रवाई के बाद अस्पताल परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है।
चार माह पहले नवजात को लेकर हुआ था विवाद
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब चार माह पहले एक रेहड़ी पर सब्जी बेचने वाले व्यक्ति की पत्नी की इसी अस्पताल में डिलीवरी हुई थी। नवजात बच्चे को लेकर किसी बात पर विवाद हुआ था, जिसके चलते दो-तीन दिनों तक अस्पताल के आसपास हलचल बनी रही। हालांकि बाद में आपसी सहमति से मामला शांत हो गया और इसके बाद प्रसूता व उसके परिजन दोबारा इलाके में दिखाई नहीं दिए।
पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ा शक
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, अस्पताल में कभी भी मरीजों की ज्यादा भीड़ नहीं दिखती थी। मंगलवार शाम पुलिस की मौजूदगी और बाद में हुई कार्रवाई के बाद लोगों का शक और गहरा गया। पुलिस अस्पताल से कई दस्तावेज, कंप्यूटर और अन्य रिकॉर्ड भी अपने साथ ले गई।
“सफेद कोट की आड़ में काला कारोबार”
इलाके के लोगों ने हैरानी जताते हुए कहा कि किसी ने नहीं सोचा था कि इलाज के नाम पर चल रहे अस्पताल का नाम नवजात बच्चों की कथित खरीद-फरोख्त जैसे गंभीर मामले में सामने आएगा। लोगों का कहना है कि सफेद कोट की आड़ में इस तरह के काले कारनामे होने की जानकारी ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।
स्थानीय निवासी अमजद खान, ने बताया कि वह और उनके परिवार के सदस्य भी इसी अस्पताल में इलाज कराते थे। पुलिस द्वारा अस्पताल के स्टाफ, रिकॉर्ड और उपकरणों को कब्जे में लेने के बाद उन्हें इस पूरे मामले की गंभीरता का अंदाजा हुआ।
छह साल से संचालित हो रहा था अस्पताल
बरवाला रोड स्थित चार मंजिला इमारत में चल रहा हीरा मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल पिछले छह वर्षों से अधिक समय से संचालित हो रहा है। अस्पताल की शुरुआत कोरोना महामारी के दौरान हुई थी।
अस्पताल के बाहर लगे बोर्ड के अनुसार यहां छह डॉक्टरों के नाम दर्ज हैं, जिनमें पांच डॉक्टर एमडी या एमएस डिग्रीधारी बताए गए हैं। बोर्ड पर डॉ. विवेकी सिंह कपूर को एमडी (प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ) तथा डॉ. हीरा कपूर को एमडी मेडिसिन के रूप में दर्शाया गया है।
जांच जारी
पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अस्पताल के रिकॉर्ड, स्टाफ और कथित बाल तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।
(नोट: मामले की जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।)

