असल न्यूज़: दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में रविवार को सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जहरीली गैस की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा मजदूर गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और परिजनों ने ठेकेदार व मकान मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
आठ फीट गहरे टैंक में उतारे गए थे मजदूर
प्रारंभिक जांच के अनुसार दोनों मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के करीब आठ फीट गहरे सेप्टिक टैंक में उतारा गया था। पुलिस के मुताबिक रविवार दोपहर मकान मालिक ने सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए अनिल नामक ठेकेदार को बुलाया था। ठेकेदार ने नोएडा निवासी विनोद (55) और धर्मेंद्र (34) को सफाई के काम पर लगाया।
जहरीली गैस से दोनों हुए बेहोश
बताया जा रहा है कि सफाई के दौरान कुछ ही देर में टैंक के अंदर मौजूद जहरीली गैस की वजह से दोनों मजदूर बेहोश हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने जब दोनों को अचेत देखा तो तुरंत बाहर निकालने की कोशिश शुरू की गई। रस्सी और कुंडों की मदद से दोनों को किसी तरह बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने विनोद को मृत घोषित कर दिया। वहीं धर्मेंद्र की हालत गंभीर बनी हुई है।
बिना सुरक्षा किट कराई जा रही थी सफाई
परिजनों का आरोप है कि मजदूरों को बिना मास्क, ऑक्सीजन सपोर्ट और सुरक्षा किट के टैंक में उतारा गया था। धर्मेंद्र के भाई ने बताया कि वह पेशे से प्लंबर है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से काम नहीं मिलने के कारण उसने यह काम पकड़ लिया था।
वहीं मृतक विनोद के परिवार का कहना है, कि घर की पूरी आर्थिक जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। उनकी मौत के बाद परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। ठेकेदार और मकान मालिक की भूमिका को लेकर भी पूछताछ की जा रही है। शुरुआती तौर पर यह मामला लापरवाही का माना जा रहा है।

