असल न्यूज़: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी में नकली RO फिल्टर बनाने और बेचने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए फैक्ट्री मालिक मोहम्मद तबरेज को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर नामी कंपनियों के नाम पर नकली RO फिल्टर तैयार कर बाजार में बेचने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, यह अवैध फैक्ट्री दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के पुल प्रह्लादपुर इलाके में संचालित की जा रही थी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री से करीब 3000 नकली RO फिल्टर, मेम्ब्रेन और पैकेजिंग सामग्री बरामद की है, जिन पर Kent, Aquaguard और Havells जैसी कंपनियों के नाम और ब्रांडिंग का इस्तेमाल किया गया था।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
डीसीपी क्राइम ब्रांच संजीव कुमार यादव के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में नकली RO फिल्टरों के निर्माण और सप्लाई की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसी दौरान 27 मई को सूचना मिली कि पुल प्रह्लादपुर के एचआर ब्लॉक, गली नंबर-4 स्थित एक गोदाम में बड़े पैमाने पर नकली फिल्टर तैयार किए जा रहे हैं।
सूचना के आधार पर एसीपी संजय कुमार नागपाल और इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी के नेतृत्व में टीम ने गोदाम पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकली फिल्टर और पैकेजिंग सामग्री बरामद की गई।
कंपनियों ने बताया पूरी तरह नकली
छापेमारी के दौरान Kent RO, Havells India और Aquaguard के अधिकृत प्रतिनिधियों को भी मौके पर बुलाया गया। जांच के बाद उन्होंने पुष्टि की कि बरामद किए गए सभी उत्पाद पूरी तरह से नकली हैं और उनका उनकी कंपनियों से कोई संबंध नहीं है।
इसके बाद पुलिस, ने फैक्ट्री संचालक मोहम्मद तबरेज को गिरफ्तार कर लिया।
बिहार से दिल्ली आकर शुरू किया कारोबार
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मोहम्मद तबरेज मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले का निवासी है। वह वर्ष 2011 में दिल्ली आया था और शुरुआत में बैटरी सर्विसिंग का काम करता था। बाद में उसने वाटर प्यूरीफायर की सर्विसिंग का काम सीखा।
करीब नौ महीने पहले, उसने पुल प्रह्लादपुर में किराये पर जगह लेकर नकली RO फिल्टर बनाने का कारोबार शुरू किया था।
बड़े नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अकेले इस कारोबार को चला रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट सक्रिय है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नकली और स्वास्थ्य के लिए संभावित रूप से खतरनाक इन फिल्टरों की सप्लाई दिल्ली-एनसीआर के किन दुकानदारों और वितरकों तक की जाती थी।
क्राइम ब्रांच मामले की विस्तृत जांच कर रही है, और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

