असल न्यूज़: यमुना ओ-जोन (डूब क्षेत्र) में रहने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि ओ-जोन क्षेत्र में स्थित पुरानी आबादियों, गांवों और पहले से बने निर्माणों पर किसी प्रकार की ध्वस्तीकरण (बुलडोजर) कार्रवाई नहीं की जाएगी।
मंगलवार को दिल्ली सचिवालय, में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार यमुना डूब क्षेत्र की कॉलोनियों में रहने वाले करीब 15 लाख लोगों के साथ खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
अधिकारियों के अनुसार, यमुना ओ-जोन क्षेत्र में करीब 91 से 92 अनधिकृत कॉलोनियां और एक दर्जन पुराने गांव स्थित हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग वर्षों से निवास कर रहे हैं। हाल ही में लगाए गए सरकारी नोटिस बोर्डों के कारण क्षेत्र के लोगों में भय और भ्रम का माहौल बन गया था, जिसे दूर करने के लिए यह बैठक बुलाई गई।
बैठक के बाद आयोजित, संयुक्त प्रेस वार्ता में सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी और मनोज तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और भाजपा संगठन इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह संवेदनशील हैं। उन्होंने कहा कि इन कॉलोनियों को 24 मार्च 2008 को नियमित किया गया था और उस समय ये क्षेत्र एफ-जोन में शामिल थे। बाद में 10 अगस्त 2010 को तत्कालीन कांग्रेस सरकारों ने इन्हें ओ-जोन में शामिल कर दिया।
रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया, कि वर्ष 2013 में डीडीए ने इन क्षेत्रों को दोबारा एफ-जोन में शामिल करने के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया था, लेकिन आज तक अंतिम अधिसूचना जारी नहीं हो सकी।
नए निर्माणों को लेकर है अदालत की चिंता
बैठक में यह भी बताया गया कि दिल्ली हाईकोर्ट की मुख्य चिंता नए और जारी निर्माण कार्यों को लेकर है, न कि वर्षों से बसी कॉलोनियों या पुराने निर्माणों को लेकर। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग मौजूदा स्थिति का फायदा उठाकर लोगों में डर पैदा कर रहे हैं और अवैध निर्माण को बढ़ावा दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, ने डीडीए अधिकारियों से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा और कहा कि हाईकोर्ट ने पहले से बने निर्माणों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अदालत के सवाल मुख्य रूप से नए निर्माणों से जुड़े हैं, इसलिए डीडीए को उसी भावना के अनुरूप कार्रवाई करनी चाहिए।
15 लाख लोगों को मिली राहत
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद यमुना डूब क्षेत्र की कॉलोनियों और गांवों में रहने वाले करीब 15 लाख लोगों को बड़ी राहत मिली है। फिलहाल इन क्षेत्रों में पुराने मकानों और आबादियों पर बुलडोजर कार्रवाई की आशंका खत्म होती नजर आ रही है।

