असल न्यूज़: राजधानी दिल्ली में बढ़ती आग की घटनाओं को देखते हुए दिल्ली सरकार फायर सेफ्टी नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नियमों के तहत हर घर में स्मोक डिटेक्टर सहित कई सुरक्षा उपायों को अनिवार्य किया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार, सरकार नए फायर सेफ्टी मानकों का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसके तहत केवल ऊंची इमारतें ही नहीं, बल्कि स्वतंत्र मकान, गेटेड सोसाइटी और लो-राइज अपार्टमेंट भी फायर सेफ्टी नियमों के दायरे में आ सकते हैं।
प्रस्तावित बदलावों, का उद्देश्य आग लगने की घटनाओं के दौरान समय रहते चेतावनी देना और जनहानि को कम करना है। स्मोक डिटेक्टर जैसे उपकरण आग लगने की शुरुआती स्थिति में ही अलर्ट जारी कर सकते हैं, जिससे लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने का समय मिल सके।
सरकार का मानना है, कि हाल के वर्षों में राजधानी में सामने आए कई बड़े अग्निकांडों ने फायर सेफ्टी व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता को उजागर किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए नए सुरक्षा मानकों पर काम किया जा रहा है।
फायर विभाग, और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर प्रस्तावित नियमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इन नियमों को लागू किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है, कि यदि ये बदलाव लागू होते हैं तो दिल्ली में आग से होने वाले नुकसान और जनहानि को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। फिलहाल प्रस्ताव पर विचार-विमर्श जारी है और सरकार जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।

