असल न्यूज़: पूर्वी जिला साइबर थाना पुलिस ने OLX शॉपिंग के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित साइबर ठगों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। पुलिस ने एक मोबाइल फोन बरामद किया है और पीड़ित को 1,02,674 रुपये की रकम भी वापस दिलाई है।
पुलिस के अनुसार, आईपी एक्सटेंशन निवासी उदय जैन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि OLX शॉपिंग के नाम पर उनके साथ ऑनलाइन ठगी की गई। ठगों ने उन्हें झांसे में लेकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली। शिकायत के आधार पर साइबर ईस्ट थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
इंस्पेक्टर पवन यादव के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी निगरानी, बैंकिंग रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर और केवाईसी दस्तावेजों की जांच की। जांच में पता चला कि ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा मुजफ्फरनगर निवासी शिवम कुमार और दिल्ली के तिलक नगर निवासी राजेंद्र शर्मा के बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था।
पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, पूछताछ में खुलासा हुआ कि मेरठ निवासी अंकित चौधरी कमीशन के बदले बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था। इसके बाद पुलिस ने मेरठ में छापेमारी कर अंकित चौधरी को भी गिरफ्तार कर लिया।
कमीशन के लालच में खुलवाए जाते थे खाते
जांच में सामने आया कि आरोपित नौकरी, आर्थिक लाभ और कमीशन का लालच देकर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद एटीएम कार्ड, पासबुक, मोबाइल बैंकिंग और अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर खातों का नियंत्रण साइबर अपराधियों को सौंप देते थे।
इन खातों का इस्तेमाल साइबर, ठगी की रकम को कई खातों में ट्रांसफर कर असली अपराधियों तक पहुंचाने के लिए किया जाता था, जिससे जांच एजेंसियों के लिए मुख्य आरोपितों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी न दें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
फिलहाल पुलिस, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपितों और ठगी की रकम के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

