असल न्यूज़: शनि अमावस्या के पावन अवसर पर दिल्ली-एनसीआर के प्रसिद्ध शनि मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि अमावस्या के दिन भगवान शनि देव की पूजा-अर्चना, सरसों के तेल का दीपक जलाने और काले तिल दान करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव में राहत मिलती है। यही वजह है कि राजधानी दिल्ली समेत आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
मान्यता है कि भगवान शनि न्याय के देवता हैं, और सच्चे मन से पूजा करने वाले भक्तों के कष्ट दूर करते हैं। शनिवार और शनि अमावस्या का विशेष संयोग होने के कारण मंदिरों में विशेष पूजा, हवन और आरती का आयोजन किया गया।
छतरपुर स्थित शनि धाम मंदिर में उमड़ी भीड़
दक्षिण दिल्ली के छतरपुर इलाके के पास स्थित प्रसिद्ध शनि धाम मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां स्थापित भगवान शनि की विशाल प्रतिमा देश की ऊंची शनि प्रतिमाओं में गिनी जाती है। मंदिर में सुबह से ही भक्त तेल चढ़ाने और विशेष पूजा के लिए पहुंच रहे हैं।
श्रद्धालुओं का मानना है, कि यहां पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और शनि देव की कृपा प्राप्त होती है। मंदिर तक सड़क और मेट्रो दोनों माध्यमों से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
नोएडा के शनि मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें
नोएडा सेक्टर-14A के पास यमुना किनारे स्थित शनि मंदिर में भी शनि अमावस्या के मौके पर भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालु यहां सरसों का तेल, काले तिल और उड़द चढ़ाकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
मंदिर को लेकर मान्यता है, कि यहां पूजा करने से शनि दोष और जीवन की परेशानियां कम होती हैं। सुबह से देर रात तक यहां भक्तों का आना-जाना जारी रहता है।
फरीदाबाद और गाजियाबाद के मंदिरों में विशेष पूजा
फरीदाबाद के पुराने बाजार क्षेत्र स्थित शनि मंदिर और गाजियाबाद के मोहन नगर इलाके के शनि मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। मंदिरों में भक्तों ने तेल अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और करियर में सफलता की कामना की।
भक्तों का कहना है कि इन मंदिरों में पूजा करने से व्यापार, नौकरी और पारिवारिक समस्याओं में राहत मिलती है।
गुरुग्राम के शनि मंदिरों में विशेष आरती
गुरुग्राम स्थित शनि देव मंदिरों में भी शनि अमावस्या के अवसर पर विशेष आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। श्रद्धालु दूर-दूर से यहां पहुंचकर शनि देव का आशीर्वाद ले रहे हैं।
मंदिरों में सुबह और शाम, के समय भक्तिमय माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाकर और काले तिल दान कर पूजा की।
शनि अमावस्या का धार्मिक महत्व
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शनि अमावस्या के दिन शनि देव की पूजा करने से जीवन में चल रही परेशानियों, आर्थिक संकट और ग्रह दोषों से राहत मिलती है। इस दिन जरूरतमंदों को दान करना और पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है।

