असल न्यूज़: दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बस सेवाओं में लापरवाही और यात्रियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद दिल्ली सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने मंगलवार को डीटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधकों (आरएम) के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी बस निर्धारित बस स्टॉप को छोड़े बिना यात्रियों को चढ़ाने और उतारने की सुविधा उपलब्ध कराए।
मंत्री ने कहा, कि किसी भी यात्री को यात्रा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। यदि कोई चालक या परिचालक नियमों की अनदेखी करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा पर जोर
डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बैठक में महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस चालकों और परिचालकों का व्यवहार यात्रियों के प्रति शालीन और सम्मानजनक होना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि दुर्व्यवहार, उत्पीड़न या लापरवाही के मामलों में संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डीटीसी अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट
परिवहन मंत्री ने डीटीसी अधिकारियों से बस संचालन, समय-सारिणी और विभिन्न रूटों पर चल रही सेवाओं की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि बस सेवाओं की गुणवत्ता और समयपालन को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बसों के बीच उचित अंतराल सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक के दौरान रूट संचालन की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि कई बार एक ही रूट पर कई बसें एक साथ चलती हैं, जबकि उसके बाद लंबे समय तक यात्रियों को बस नहीं मिलती। इस समस्या को दूर करने के लिए रूट रेशनलाइजेशन और बसों के बीच उचित अंतराल बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा, कि सभी बसें अपने निर्धारित रूट और ट्रिप पूरी करें ताकि यात्रियों को बेहतर फ्रीक्वेंसी और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सेवा मिल सके।
सेवाओं में सुधार पर सरकार का फोकस
दिल्ली सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और समयबद्ध बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। मंत्री के निर्देशों के बाद डीटीसी की कार्यप्रणाली और बस संचालन पर सीधी निगरानी रखी जाएगी।

