असल न्यूज़: भारतीय रेलवे में कंफर्म टिकट पाने के लिए यात्रियों को अक्सर महीनों पहले योजना बनानी पड़ती है, लेकिन कई बार कंफर्म टिकट होने के बावजूद सफर आरामदायक नहीं रह जाता। ऐसा ही एक मामला प्रयागराज से मैसूर जा रही ट्रेन में सामने आया है, जहां एक यात्री ने आरक्षित स्लीपर कोच में भारी भीड़ और अव्यवस्था का आरोप लगाया है।
यात्री द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें S4 कोच में बड़ी संख्या में यात्रियों की भीड़ दिखाई दे रही है।
“टॉयलेट तक जाना मुश्किल हो गया”
31 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मंजूनाथ आर नामक यात्री ने रेल मंत्रालय और रेलवे सेवा को टैग करते हुए शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उन्होंने करीब दो महीने पहले कंफर्म टिकट बुक कराया था, लेकिन यात्रा के दौरान S4 कोच में इतनी भीड़ थी कि सीट तक पहुंचना और टॉयलेट जाना भी मुश्किल हो गया।
यात्री ने आरोप लगाया, कि आरक्षित कोच में बड़ी संख्या में अनाधिकृत यात्री मौजूद थे, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेलवे ने लिया संज्ञान
शिकायत वायरल होने के बाद रेलवे सेवा के आधिकारिक एक्स अकाउंट ने यात्री को जवाब दिया। रेलवे ने असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए यात्री से डायरेक्ट मैसेज के माध्यम से संपर्क विवरण साझा करने को कहा।
साथ ही यात्री को, RailMadad पोर्टल और रेलवे हेल्पलाइन 139 के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।
RPF को भेजा गया मामला
रेलवे सेवा ने मामले को जबलपुर मंडल के अधिकारियों के पास भेज दिया। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने शिकायत दर्ज कर आगे की कार्रवाई के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को निर्देशित किया।
आरक्षित कोचों में भीड़ को लेकर बढ़ रही शिकायतें
हाल के महीनों में सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें स्लीपर और एसी कोचों में भी अत्यधिक भीड़ दिखाई दी है। कई यात्रियों का आरोप है कि आरक्षित डिब्बों में भी जनरल टिकट या बिना टिकट यात्रियों की मौजूदगी के कारण कंफर्म टिकट धारकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
यात्रियों का कहना है, कि जब रेलवे आरक्षण के लिए पूरा किराया वसूलता है, तो उन्हें सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अधिकार भी मिलना चाहिए।
रेलवे व्यवस्था पर उठे सवाल
वायरल वीडियो के बाद एक बार फिर आरक्षित कोचों में भीड़ नियंत्रण, टिकट जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों ने मांग की है कि रेलवे आरक्षित डिब्बों में अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए सख्त कदम उठाए।
फिलहाल, रेलवे अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

