नई दिल्ली। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के क्रियान्वयन को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की एक ऑडिट रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं की ओर संकेत किया गया है। रिपोर्ट में लाभार्थियों के रिकॉर्ड, प्रशिक्षण प्रक्रिया और डेटा प्रबंधन से जुड़े मामलों पर सवाल उठाए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, योजना के तहत दर्ज किए गए कई लाभार्थियों के बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ईमेल आईडी में असामान्य समानताएं पाई गईं। ऑडिट में यह भी उल्लेख किया गया कि हजारों लाभार्थियों के रिकॉर्ड में एक ही बैंक खाता दर्ज था, जबकि बड़ी संख्या में लाभार्थियों के मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी समान पाए गए।
CAG ने योजना के तहत प्रशिक्षण और लाभ वितरण से संबंधित रिकॉर्ड के सत्यापन के दौरान कई विसंगतियों की ओर इशारा किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कुछ मामलों में प्रशिक्षण गतिविधियों और दस्तावेजों के बीच मेल नहीं पाया गया।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की शुरुआत वर्ष 2015 में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से की गई थी। योजना पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए और लाखों लोगों को प्रशिक्षण दिए जाने का दावा किया गया।
ऑडिट रिपोर्ट के सामने आने के बाद योजना के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, किसी भी कथित अनियमितता की अंतिम जिम्मेदारी और वास्तविक स्थिति संबंधित विभागों की जांच तथा सरकार के आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल, CAG की रिपोर्ट को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा जारी है। सरकार या संबंधित एजेंसियों की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया आने का इंतजार किया जा रहा है।

