नई दिल्ली: साधु संतों का सम्मान,नही भूला है हिन्दुस्तान…इसी कार्य को लेकर राजधानी दिल्ली के प्राचीन निगम बोध घाट श्मशान भूमि पर बड़ी पंचायत वैश्य बीसे अग्रवाल सभा व निगम बोध घाट संचालन समिति की देशव्यापी पहल को लेकर साधु-संतों के अंतिम समय में मोक्ष पद्धति को जीवंत रखने के लिए साधु समाधि घाट का शिलान्यास किया गया।
सभा के प्रधान संजय सिंघल, और महामंत्री एवं चांदनी चौक वार्ड के पार्षद श्री सुमन कुमार गुप्ता ने कहा,कि वर्ष 2011 से सभा ने निगम बोध घाट की व्यवस्था संभाली है,तब से करीब 15 वर्षों की अथक मेहनत से भगवान शिव के पावन मोक्षधाम को दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित किया है।

उन्होंने कहा,कि भारत की सत्य सनातन संस्कृति में साधु संतों का उच्च स्थान होता है, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया,कि इस पावन स्थली पर साधु समाधि घाट की स्थापना की जाए,उसी के चलते इस कार्य को शुरू किया गया है।
यह आयोजन परम पूज्य, राष्ट्रसंत क्षेत्र विशारदाचार्य श्री विद्यानंद जी मुनिराज की जन्मशताब्दी के पावन अवसर पर आयोजित किया गया।कार्यक्रम में परम पूज्य राष्ट्रसंत परमाचार्य श्री प्रज्ञसागर जी महाराज का पावन सान्निध्य एवं प्रेरणादायक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, राष्ट्रमंदिर के प्रमुख राष्ट्रसंत श्री अजय भाई , प्रदीप जैन आदि ने भजनांजलि प्रस्तुत की। विशिष्ट अतिथि मनीष चड्ढा (सदस्य, स्थायी समिति, दि.न.नि.) रहे।
आयोजन में, भगवान महावीर अहिंसा भारती ट्रस्ट (रजि.) का विशेष सहयोग रहा।घाट के संपूर्ण निर्माण की जिम्मेदारी विजय गुप्ता ने अपने पूर्वजों की पुण्य स्मृति के उपलक्ष्य में संभाली।इस अवसर पर सभा के प्रधान संजय सिंघल, मनोनीत निगम पार्षद मनोज जैन, प्रबुद्ध हिन्दूवादी नेता जयभगवान गोयल आदि उपस्थित थे।

