असल न्यूज़: भारत समेत दुनियाभर के मुस्लिम समुदाय के लिए बकरीद यानी ईद-अल-अजहा सबसे खास इस्लामिक त्योहारों में से एक मानी जाती है। इस पर्व को कुर्बानी का त्योहार भी कहा जाता है, जो हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। हर साल यह त्योहार इस्लामिक कैलेंडर के आखिरी महीने जिलहिज्जा की 10वीं तारीख को मनाया जाता है।
इस बार भी लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है, कि भारत में बकरीद 2026 कब मनाई जाएगी, चांद कब नजर आएगा और क्या इस दिन सरकारी छुट्टी रहेगी। सोशल Media और गूगल पर “बकरीद कब है”, “बकरीद का चांद कब दिखेगा” और “ईद-अल-अजहा की छुट्टी” जैसे सवाल तेजी से सर्च किए जा रहे हैं।
भारत में कब मनाई जाएगी बकरीद?
जानकारी के मुताबिक, भारत में बकरीद 28 मई 2026 को मनाए जाने की संभावना है। हालांकि, इस्लामिक त्योहारों की तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है, इसलिए अंतिम फैसला चांद कमेटी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगा।
भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, सऊदी अरब और अन्य मुस्लिम देशों में भी बकरीद की तारीख चांद के अनुसार तय की जाती है। अलग-अलग देशों में चांद दिखाई देने के समय में अंतर होने की वजह से त्योहार की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।
बकरीद का चांद कब नजर आएगा?
इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार जिलहिज्जा महीने का चांद 27 मई 2026 की शाम को नजर आ सकता है। अगर उस दिन चांद दिखाई देता है, तो अगले दिन यानी 28 मई को बकरीद मनाई जाएगी।

मौसम साफ रहने पर चांद आसानी से दिखाई दे सकता है, जबकि खराब मौसम या बादलों की वजह से कई बार चांद देखने में दिक्कत होती है। ऐसे में चांद कमेटी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जाता है।
क्या बकरीद पर सरकारी छुट्टी रहेगी?
बकरीद भारत की प्रमुख सरकारी छुट्टियों में शामिल है। इस दिन स्कूल, कॉलेज, बैंक और सरकारी दफ्तर बंद रह सकते हैं। कई निजी कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को इस दिन छुट्टी देती हैं।
हालांकि अलग-अलग राज्यों में छुट्टियों की सूची अलग हो सकती है,। राज्य सरकारें और बैंकिंग संस्थान जल्द ही छुट्टी को लेकर आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर सकते हैं।
क्यों मनाई जाती है बकरीद?
बकरीद को त्याग और कुर्बानी का प्रतीक माना जाता है, इस्लामिक मान्यता के अनुसार हजरत इब्राहिम ने अल्लाह के आदेश पर अपनी सबसे प्यारी चीज कुर्बान करने की तैयारी दिखाई थी। उनकी इसी आस्था और समर्पण की याद में ईद-अल-अजहा मनाई जाती है।
इस दिन मुस्लिम समुदाय सुबह ईदगाह में विशेष नमाज अदा करता है, इसके बाद कुर्बानी की रस्म निभाई जाती है और जरूरतमंदों में भोजन व मांस बांटा जाता है। यह त्योहार भाईचारे, इंसानियत और आपसी प्रेम का संदेश देता है।
बकरीद पर क्या-क्या होता है खास?
बकरीद के मौके पर लोग नए कपड़े पहनते हैं और एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देते हैं। घरों में बिरयानी, सेवइयां, कबाब और कई पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं।
सोशल मीडिया पर भी ईद मुबारक संदेश, शायरी और कोट्स ट्रेंड करने लगते हैं। बाजारों में भी बकरीद को लेकर खास रौनक देखने को मिलती है।
बकरीद और ईद-अल-अजहा में क्या अंतर है?
बकरीद और ईद-अल-अजहा दोनों एक ही त्योहार के अलग-अलग नाम हैं। हिंदी और आम बोलचाल में इसे बकरीद कहा जाता है, जबकि अरबी में इसे ईद-अल-अजहा कहा जाता है।

